मैं, KTE का प्रारंभकर्ता (initiator), उन तीन महान गुरुओं की संयुक्त धाराओं में खड़ा हूँ,
जिनकी उपस्थिति मुझे एक जीवंत विरासत (living inheritance) के रूप में प्राप्त हुई है।
George Gurdjieff से मुझे “Fourth Way” का अनुशासन प्राप्त हुआ,
जिसने सिखाया कि शरीर, मन और भावनाओं को जीवन के बीच रहते हुए एक साथ परिष्कृत करना आवश्यक है।
Meher Baba से मौन स्वयं एक माध्यम (transmission) बन गया,
जिसने प्रेम और समर्पण को शब्दों की सीमाओं से परे प्रकट किया।
Osho से मुझे विद्रोह करने का साहस और जागरूकता की उस आनंदपूर्ण स्वतंत्रता का अनुभव मिला,
जो निरंतर प्रवाह में रहती है।
एकीकृत धारा
ये तीनों धाराएँ—
अनुशासन, प्रेम और स्वतंत्रता—
मेरे भीतर अलग-अलग नहीं रहतीं, बल्कि एक रूप में एकत्रित होकर एक साकार त्रयी (embodied trinity) बन
जाती हैं।
यही त्रयी उस मार्ग को स्थिरता प्रदान करती है,
जिसे मैं अब स्वैच्छिक विकास (volitional evolution) के रूप में आगे संप्रेषित करता हूँ।
Gurdjieff
Meher Baba
Osho